Posts

Showing posts from August, 2024

ऋतुपर्णा घोष

Image
#31aug #30may  ऋतुपर्णो घोष  🎂31 अगस्त 1963,  कोलकाता ⚰️30 मई 2013, कोलकाता माता-पिता: सुनील घोष भाई: इन्द्रनील घोष बंगाली फ़िल्मों के प्रसिद्ध निर्देशक, लेखक और अभिनेता थे। 'चोखेर बाली', 'रेनकोट' और 'अबोहोमन' जैसी फ़िल्मों के लिए 'राष्ट्रीय पुरस्कार' विजेता ऋतुपर्णो घोष की ख्याति राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जगत् में थी। उन्होंने और उनकी फ़िल्मों ने रिकॉर्ड बारह 'राष्ट्रीय पुरस्कार' जीते थे। ऋतुपर्णो घोष उन निर्देशकों में से एक थे, जो फ़िल्म को एक कला मानते थे। व्यवसाय या बॉक्स ऑफिस को ध्यान में रखकर उन्होंने कभी फ़िल्में नहीं बनाईं। उनकी अपनी सोच थी, शैली थी और अपने मिजाज के अनुरूप ही ‍वे फ़िल्में बनाते थे। बहुत कम समय में ही उन्होंने अपनी एक ख़ास पहचान बना ली थी। घोष ने विज्ञापन की दुनिया से अपना व्यवसाय प्रारम्भ किया था और जल्द ही फ़िल्मों की ओर मुड़ गए थे। अपने 19 साल के फ़िल्मी करियर में ऋतुपर्णो घोष ने 19 फ़िल्मों का निर्देशन और तीन फ़िल्मों में अभिनय किया। जन्म तथा शिक्षा ऋतुपर्णो घोष का जन्म 31 अगस्त, 1963 को कोलकाता, पश्चिम बंगाल में हुआ...

काजी नजरुल इस्लाम

Image
#29aug #24may  काज़ी नज़रुल इस्लाम 🎂जन्म 24 मई, 1899 जन्म भूमि ज़िला वर्धमान, पश्चिम बंगाल ⚰️मृत्यु 29 अगस्त, 1976 मृत्यु स्थान ढाका, बांग्लादेश पति/पत्नी प्रमिला देवी भाषा बांग्ला, हिन्दुस्तानी, पर्शियन पुरस्कार-उपाधि 'पद्म भूषण' (1960), 'इंडिपेडेन्ट डे अवॉर्ड' (1977) प्रसिद्धि बांग्ला कवि, साहित्यकार, दार्शनिक नागरिकता बांग्लादेशी अन्य जानकारी काज़ी नज़रुल इस्लाम ने लगभग तीन हज़ार गानों की रचना की और साथ ही अधिकांश को स्वर भी दिया। इनके संगीत के आजकल 'नज़रुल संगीत' या "नज़रुल गीति" नाम से जाना जाता है। परिचय काज़ी नज़रुल इस्लाम का जन्म भारत के पश्चिम बंगाल प्रदेश के वर्धमान ज़िले में आसनसोल के पास चुरुलिया नामक गाँव में एक दरिद्र मुस्लिम परिवार में हुआ था। उनकी प्राथमिक शिक्षा धार्मिक (मजहबी) शिक्षा के रूप में हुई। किशोरावस्था में विभिन्न थिएटर दलों के साथ काम करते-करते काज़ी नज़रुल इस्लाम ने कविता, नाटक एवं साहित्य के सम्बन्ध में सम्यक ज्ञान प्राप्त किया। राष्ट्रीय कवि काज़ी नज़रुल इस्लाम बांग्ला भाषा के अन्यतम साहित्यकार, देशप्रेमी तथा बांग्ला देश...

विक्रमजीत पाल कंवर

Image
#29aug #01may  बिक्रमजीत कंवरपाल 🎂जन्म 29 अगस्त, 1968 जन्म भूमि सोलन, हिमाचल प्रदेश ⚰️मृत्यु 01 मई, 2021 मृत्यु स्थान मुम्बई, महाराष्ट्र कर्म भूमि भारत कर्म-क्षेत्र भारतीय सेना, हिन्दी सिनेमा मुख्य फ़िल्में 'पेज 3', 'पाप, करम', 'कॉरपोरेट', 'क्या लव स्टोरी है', 'खुशबू', 'हाइजैक', 'थैंक्स मां', 'रॉकेट सिंह', 'आरक्षण', 'माई फ्रेंड पिंटो' आदि। प्रसिद्धि अभिनेता नागरिकता भारतीय अन्य जानकारी बिक्रमजीत कंवरपाल ने पढ़ाई पूरी करने के बाद 1989 में भारतीय सेना ज्वॉइन की थी। सेना में अपनी बहादुरी और साहस का पर‍िचय देने के बाद 2002 में बतौर मेजर वे सेना से रिटायर हुए। बिक्रमजीत कंवरपाल  जन्म- 29 अगस्त, 1968; मृत्यु- 1 मई, 2021) हिन्दी फ़िल्मों के अभिनेता थे। उन्होंने कई धारावाहिकों में काम किया था। बिक्रमजीत कंवरपाल एक्टर बनने से पहले भारतीय सेना के अफसर रह चुके थे। उन्होंने आर्मी से रिटायर होने के बाद साल 2003 में अपना एक्टिंग डेब्यू किया। न्होंने 'पेज 3', 'रॉकेट सिंह: सेल्समैन ऑफ द ईयर', 'आरक्षण...

के के गायक

Image
#23aug #31may  के. के. (गायक) कृष्णकुमार कुन्नथ पूरा नाम कृष्णकुमार कुन्नथ प्रसिद्ध नाम केके 🎂जन्म 23 अगस्त, 1968 जन्म भूमि केरल ⚰️मृत्यु 31 मई, 2022 मृत्यु स्थान कोलकाता अभिभावक माता- कनाकवाल्ली पिता- सी. एस. नायर पति/पत्नी ज्योति संतान पुत्र- नकुल पुत्री- जन्म- 23 अगस्त, 1968, केरल; मृत्यु- 31 मई, 2022, कोलकाता)  प्रसिद्ध भारतीय पार्श्वगायक थे। उन्हें उनके संक्षिप्त नाम 'केके' से अधिक जाना जाता था। वह हिंदी, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़ और तमिल फिल्मों में प्रमुख गायक रहे। केके ने अपने दोस्तों के साथ एक रॉक बैंड का भी गठन किया था। मशहूर गायक किशोर कुमार और संगीत निर्देशक आर. डी. प्रधान ने केके को बहुत प्रभावित किया था। विख्यात फिल्म निर्देशक विशाल भरद्वाज ने केके को बॉलीवुड में गाने का पहला मौका दिया था। उन्होंने बॉलीवुड में अपना कार्यकाल फ़िल्म 'माचिस' के 'छोड़ आये हम वो गलियाँ' से शुरू किया। केके 31 मई, 2022 की आधी रात को कोलकाता के नजरुल मंच पर परफॉर्म कर रहे थे कि अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और कुछ ही पलों में उनकी मौत हो गई। परिचय कृष्णकुमार कुन्नथ उर्...