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रामलक्ष्मण (संगीतकार)

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#16sep #22may  संगीत कार राम लक्ष्मण 🎂16 सितंबर 1942,  नागपुर ⚰️ 22 मई 2021,  नागपुर अन्य नाम: लक्ष्मण जन्म नाम: विजय पाटिल रामलक्ष्मण भारतीय संगीतकार है जिसमें विजय पाटिल शामिल हैं। 1977 में राजश्री प्रोडक्शन्स की एजेंट विनोद से इन्होंने शुरुआत की थी। यह पहले जोड़ी हुआ करती थी जिसमें विजय "लक्ष्मण" थे। इस फिल्म को साइन करते वक्त उनके जोड़ीदार राम कदम की मृत्यु हो गई लेकिन उन्होंने यही नाम से आगे फिल्मों में संगीत दिया।छठे दौर के संगीतकार के तौर पर उन्हें राजश्री और खासकर सूरज बड़जात्या की फिल्मों में दिये गए संगीत के लिये जाना जाता है जिसके गीत खूब लोकप्रिय हुए थे।एजेंट विनोद से शुरुआत कर उन्होंने कई फिल्मों में संगीत दिया जिसमें हम से बढ़कर कौन (1981) सुन सजना (1982) दीवाना तेरे नाम का (1987) शामिल हैं। इस वक्त में वह अधिकतर उषा मंगेशकर को गायिका के रूप लेते थे। लेकिन 1988 तक आते-आते उनके द्वारा संगीतबद्ध फिल्में "सी" ग्रेड की हो गई थी। 1989 की मैंने प्यार किया से उन्होंने कई वर्षों बाद सफलता का स्वाद चखा। इसके लिये उन्होंने फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ संगीतकार पुरस्...

शेफाली शाह

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#22may  शेफाली शाह 22 मई 1973   मुम्बई पति: विपुल अमृतलाल शाह (विवा. 2000), हर्ष छाया (विवा. 1994–2000) माता-पिता: सुधाकर शेट्टी, शोभा शेट्टी शेफाली शाह ( जन्म शेट्टी , 22 मई 1973) फिल्म, टेलीविजन और थिएटर की एक भारतीय अभिनेत्री हैं। मुख्यतः स्वतंत्र हिंदी फिल्मों में काम करते हुए, उन्होंने अपने प्रदर्शन के लिए कई स्थानीय और विदेशी पुरस्कार प्राप्त किए हैं । शाह का अभिनय करियर गुजराती मंच पर शुरू हुआ, इससे पहले कि वह 1993 में टेलीविजन पर आईं। टेलीविजन पर छोटे-छोटे किरदारों और रंगीला (1995) में सिनेमा में एक संक्षिप्त कार्यकाल के बाद, उन्हें 1997 में लोकप्रिय धारावाहिक हसरतें में उनकी भूमिका के लिए व्यापक पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने टीवी धारावाहिक कभी-कभी (1997) और राहें (1999) में मुख्य भूमिकाएँ निभाईं। अपराध फिल्म सत्या (1998) में सहायक भूमिका ने उन्हें सकारात्मक नोटिस और फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवार्ड दिलाया , शाह आगामी दशकों में अपनी भूमिकाओं के बारे में चयनात्मक थीं, जिसके परिणामस्वरूप रुक-रुक कर फिल्मों में काम मिला, ज्यादातर चरित्र भागों में और अक्सर आलोचकों से सराहना...

होमी वाडिया

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#22may #10dic होमी वाडिया 🎂 22 मई 1911, सूरत ⚰️10 दिसंबर 2004, मुम्बई भांजा या भतीजा: विंसी वाडिया भाई: जे०बी०एच० वाडिया पत्नी: फीयरलेस निडर नाडिया (विवा. 1961–1996) होमी वाडिया एक भारतीय फिल्म निर्देशक और निर्माता थे। वह 1933 में स्थापित वाडिया मूवीटोन प्रोडक्शंस के सह-संस्थापक थे। इसके बंद होने के बाद 1942 में उन्होंने बसंत पिक्चर्स की स्थापना की।  पाँच दशकों में फैले अपने कैरियर में उन्होंने 40 से अधिक फिल्मों का निर्देशन किया जिसमें हंटरवाली (1935), मिस फ्रंटियर मेल (1936), हीरे की रानी (1940) और काल्पनिक फिल्म हातिम ताई (1956) शामिल थीं।वह 1954 में स्थापित फिल्म एंड टेलीविजन प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के एक संस्थापक सदस्य थे। वाडिया अभिनेत्री और स्टंट महिला निडर नाडिया से विवाहित थे। उनके बड़े भाई जे.बी.एच.वाडिया भी एक फिल्म निर्देशक थे। वाडिया एक पारसी परिवार से थे , और उनके पूर्वज जहाज निर्माण परिवार से आते थे, वाडिया परिवार ( वाडिया समूह ) मूल रूप से पश्चिमी भारत के गुजरात राज्य के सूरत से था, जिसने ब्रिटिश-युद्धकालीन जहाज एचएमएस त्रिंकोमाली (1817) का भी निर्...

ग्रेसी गोस्वामी

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ग्रेसी गोस्वामी 22 मई 2003  वड़ोदरा, गुजरात, भारत पेशा अभिनेत्री कार्यकाल 2014–वर्तमान प्रसिद्धि का कारण बालिका वधू क्यों उत्थे दिल छोड़ आये माता-पिता बिटिन गोस्वामी वैशाली गोस्वामी ग्रेसी गोस्वामी एक भारतीय फिल्म एक्ट्रेस हैं, जो मुख्य तौर से हिंदी सिनेमा में सक्रिय हैं,ग्रेसी की हालिया रिलीज फिल्म बेगम जान है ।  सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन का शो 'क्यों उत्थे दिल छोड़ आए', टेलीविजन पर सबसे ज्यादा देखे जाने वाले शोज़ में से एक बन गया है। इस शो ने ना सिर्फ दर्शकों के दिलों को छू लिया है, बल्कि उनकी बहुत-सी यादें भी ताजा कर दी हैं। इस शो के कलाकार देश के विभाजन का जीवंत चित्रण करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। ऐसे में अमृत और रणधीर यानी अमधीर का प्यार, इतिहास के गर्म थपेड़ों के बीच एक ठंडी हवा के झोंके की तरह साबित हो रहा है। इस शो के वर्तमान एपिसोड्स में दर्शक देखेंगे कि किस तरह अमृत (ग्रेसी गोस्वामी), रणधीर (ज़ान खान) के प्यार और समर्थन के लिए उसका आभार व्यक्त करेंगी, जहां रणधीर उन्हें दोबारा अपनी जिंदगी शुरू करने और अपने शौक अपनाने के लिए बढ़ावा देता है। वैसे, कु...

वेद रही

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प्रसिद्ध लेखक फ़िल्म निर्देशक वेद राही 🎂22 मई 1933 किताबें: वेदपाल "दीप": जीवन, अवदान ते कृतित्व, अन्धी सुरंग, Soca, माता-पिता: मुल्क राज सराफ हिन्दी और डोगरी के साहित्यकार तथा फिल्म निर्देशक हैं, जिन्होंने स्वतंत्रता सेनानी और क्रांतिकारी विनायक दामोदर सावरकर के जीवन पर आधारित फिल्म वीर-सावरकर बनाई। वेद राही ने दूरदर्शन धारावाहिक गुल गुलशन गुलफाम का भी निर्देशन किया। वेद राही का जन्म 22 मई 1933 को जम्मू कश्मीर में हुआ था। इनके पिता का नाम लाला मुल्कराज सराफ था जो जम्मू से “रणबीर” नाम का समाचार-पत्र निकलते थे। राही जी को बचपन से ही लिखने का शौक था। उन्होंने पहले उर्दू में लिखना आरम्भ किया और फिर हिंदी और डोगरी भाषा में भी लिखने लगे। उनकी अब तक की कुछ मशहूर कहानियां है - काले हत्थे (1958), आले (1982), क्रॉस फायरिंग। उनके प्रमुख उपन्यासों में झाड़ू बेडी द पत्तन (1960) , परेड (1982), टूटी हुई डोर (1980) , गर्म जून आदि। वेद राही ने फिल्मी संसार में कदम रामानंद सागर के कारण रखा जिनके साथ जुड़ रहकर उन्होंने लगभग 25 हिंदी फिल्मों के लिए कहानिया, डायलॉग और स्क्रीन राइ...

गामा पहलवान

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#22may  #23may  गामा पहलवान जन्मनाम ग़ुलाम मुहम्मद बक़्श 🎂: 22 मई 1878,  अमृतसर ⚰️: 23 मई 1960, लाहौर, पाकिस्तान वज़न: 113 kg बच्चे: असलम पहलवान पत्नी: वज़ीर बेगम लंबाई: 1.71 मी राष्ट्रीयता: पाकिस्तानी गुलाम मौहम्मद बख्श का जन्म 22 मई 1878 को अमृतसर के जब्बोवाल गाँव के एक कश्मीरी मुस्लिम पंडित परिवार में हुआ । इनके परिवार में स्वयं ही विश्वप्रसिद्ध पहलवान हुए थे । गामा कि दो पत्नियां थीं ,एक पाकिस्तान में और दूसरी बड़ोदा गुजरात में। जब गामा छः साल के थे, तो उनके पिता मौहम्मद अज़ीज़ बख्श का निधन हो गया । उसके बाद उनके नानाजी नुन पहलवान ने उनका पालन किया । बाद में उनके निधन के बाद उनके मामाजी इड़ा पहलवान ने उनका पालन किया और उनकी ही देखरेख में गामा ने पहलवानी की शिक्षा प्रारंभ की। गामा ने पहलवानी की शिक्षा अपने मामा इड़ा पहलवान से प्रारंभ की। आगे चलकर इनके अभ्यास में काफी बदलाव आए। जैसे कि, यूँ तो बाकी पहलवानों कि तरह उनका अभ्यास भी सामान्य ही था,परंतु इस सामान्यता में भी असामान्यता यह थी कि वे प्रत्येक मैच एक से नहीं बल्कि चालिस प्रतिद्वंदीयों के साथ एक-साथ लड...