सुपर स्टार अनुज शर्मा(छतीसगढ़िया)

#15may 
सुपर स्टार अनुज शर्मा(छतीसगढ़िया)
15 मई 1976 
, भाटापारा
पत्नी: डॉ. स्मिता शर्मा
फ़िल्में: Dabbang Daroga
दल: भारतीय जनता पार्टी
इनाम: पद्म श्री
पिछला चुनाव अभियान: 2023 Chhattisgarh Legislative Assembly Election-Dharsiwa
छतीसगढ़िया फिल्मों के सुपर स्टार अनुज शर्मा पहली बार ही चुनाव मैदान में उतरकर 44343 मतों से जीतकर विधायक बने हैं। उन्होंने कांग्रेस की प्रत्याशी व राज्यसभा सांसद रहीं छाया वर्मा को चुनाव हराया हैं। अनुज शर्मा का जन्म 15 मई 1976 को अविभाजित रायपुर जिले के भाटापारा में एक मध्यवर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम टेकेन लाल शर्मा व माता का नाम देहुति शर्मा है। उनके पिता एक बैंक कर्मचारी थे। 4 भाई बहनों में अनुज सबसे छोटे है। उनके दो बड़े भाई व एक बड़ी बहन है। अनुज शर्मा ने अपनी स्कूली पढ़ाई भाटापारा के सरकारी स्कूल से की। वे पढ़ाई में एवरेज थे पर स्कूल के सांस्कृतिक कार्यक्रमो में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते थे। और दस साल की उम्र से ही शौकिया तौर पर स्कूल व मोहल्ले के कार्यक्रमों में हिस्सा लेते रहते थे। पिता की मौत के बाद भाटापारा से उनका परिवार रायपुर शिफ्ट हो गया।

मोर छइयां भुईयां की सफलता के बाद अनुज ने अपने एयरफोर्स में जाने के सपने को लेकर फिल्मों से दूरी बना ली और तीन साल तक कोई फ़िल्म नही की। पर कुछ विशेष सफलता नही मिलने पर अनुज वापस लौटे और 2003 में उनकी झन भूलौ मां बाप ल रिलीज हुई। फिर अनुज फिल्मों मे रम गए। और उन्होंने मया देदे, मया लेले, मोर संग चलव, अंगना, माई के मर्यादा, राम लखन जैसा बेटवा हमारा, राजा, राजा छतीसगढ़िया, लैला टिपटॉप, छैला अगूंठा छाप, रँगोंबती, जैसी फिल्में की। उन्होंने खुद का बैंड व प्रॉडक्शन हाउस भी खोला। उनकी 2007 में शादी हुई और पत्नी का नाम डॉक्टर स्मिता शर्मा है। और उनके 2 बच्चे आरुग व अनुमिता है। अनुज शर्मा को कई अवार्ड व पुरुस्कार मिले हैं। 1992 में स्कॉउट गाइड के लिए राष्ट्रपति अवार्ड मिला, फिर 1997 में एनसीसी का सी सर्टिफिकेट भी मिला है। छतीसगढ़ सरकार द्वारा उन्हें सर्वश्रेष्ठ नायक के पुरुस्कार से सम्मानित किया गया। 1998 में एयरविंग सर्टिफिकेट मिला। उन्हें 4 बार बेस्ट एक्टर के पुरुस्कार से नवाजा गया। अनुज को कला के क्षेत्र में योगदान के लिए सन 2014 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया है| स्वच्छ भारत अभियान में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अनुज को प्रदेश के 9 रत्नों में शामिल किया है।

2023 विधानसभा चुनाव में अनुज के जीत की कहानी:–

अनुज शर्मा छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़िया फिल्मों के सुपरस्टार बन के उभरें। उनकी छवि सिर्फ धरसींवा में ही नहीं पूरे प्रदेश में भी लोकप्रिय है। चुनाव मैदान में उतरने पर महिलाओं एवं युवाओं ने उन्हें हाथों हाथ लिया और एक तरफा वोटिंग की। यहां कांग्रेस ने महिला प्रत्याशी छाया वर्मा को टिकट दिया था, पर फिर भी भाजपा की महतारी वंदन योजना के चलते अनुज महिला वोटरों के बीच हिट रहे।

धरसींवा विधानसभा में पिछले दो चुनावों से भाजपा देवजी भाई पटेल तो वहीं कांग्रेस अनीता योगेंद्र शर्मा को टिकट देती आ रही थी। इस बार भाजपा व कांग्रेस दोनों पार्टियों ने यह प्रत्याशी बदल दिए। प्रत्याशी बदलने पर भाजपा को फायदा तो वहीं कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ा। 2013 में भाजपा के प्रत्याशी देव जी भाई पटेल यहां से चुनाव जीते थे। जबकि 2018 में यहां से कांग्रेस की अनीता योगेंद्र शर्मा जीती थी।

पिछली बार 19 हजार वोटों से जीती विधायक अनीता योगेंद्र शर्मा का टिकट काटकर छाया वर्मा को टिकट दी थी। जिससे लोकल कार्यकर्ताओं में नाराजगी भी रही। टिकट बदलने कांग्रेस को भारी पड़ा और भाजपा प्रत्याशी अनुज शर्मा ने कांग्रेस की छाया वर्मा को 44343 वोटों से हरा दिया। अनुज शर्मा को 107283 वोट मिले जबकि कांग्रेस की प्रत्याशी छाया वर्मा को 62940 वोट मिले राज्यसभा सांसद रह चुकी हैं।

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