राजेश रोशन


#24may
मशहूर संगीत निर्देशक राजेश रोशन
बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता,

राजेश रोशन
राजेश रोशनलाल नागरथ
🎂24 मई 1955
बम्बई , बम्बई राज्य , भारत
(वर्तमान महाराष्ट्र , भारत )
राष्ट्रीयता
भारतीय
सिटिज़नशिप
भारतीय
व्यवसायों
संगीत निर्देशकसंगीतकार
सक्रिय वर्ष
1974–2017
बच्चे
2
अभिभावक
रोशन
इरा रोशन

निर्माता-निर्देशक राकेश रोशन के भाई और ऋतिक रोशन के चाचा हैं। राजेश रोशन ने बॉलीवुड की कई फिल्मों में शानदार संगीत दिया है। उनका जन्म 24 मई 1955 मशहूर संगीतकार रोशन के घर में हुआ था। रोशन ने कई शानदार फिल्मों में संगीत दिया था। लेकिन जब राजेश रोशन महज 12 साल के थे तो उनका निधन हो गयाा था।

पिता की मृत्यु के बाद राजेश रोशन की मां संगीतकार फैयाज अहमद खान से संगीत की शिक्षा लेने लगीं। उनके साथ राजेश भी वहां जाते थे और यहीं से संगीत उनकी जिंदगी में उतरना शुरू हुआ और वह फैयाज साहब से विधिवत संगीत की शिक्षा लेने लगे। राजेश रोशन ने बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत मशहूर संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के सहायक के तौर की थी। इनके के साथ उन्होंने करीब 5 सालों तक काम किया और संगीत की सभी बारीकियों को समझा।

उसके बाद राजेश रोशन ने अपना अकेले सफर शुरू करने का फैसला किया। बॉलीवुड में उन्होंने संगीतकार के तौर अपने करियर की शुरुआत 1974 में महमूद की फिल्म 'कुंवारा बाप' से की थी, लेकिन राजेश रोशन को असली पहचान 1975 में आई फिल्म 'जूली' से मिली थी। इस फिल्म के गाने 'दिल क्या करे जब किसी को', 'माई हार्ट इज बीटिंग', 'ये रातें नई पुरानी' और 'जूली आई लव यू' आज भी संगीत प्रेमियों की पहली पसंद हैं।
फिल्म 'जूली' के बाद राजेश रोशन ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। इसके बाद उन्होंने 'स्वामी', 'देश प्रदेश', 'मिस्टर नटवरलाल', 'काला पत्थर', 'खूनभरी मांग', 'करण अर्जुन', 'कहो न प्यार है' और 'कोई मिल गया' सहित कई शानदार फिल्मों में बेहतरीन संगीत दिया और कई पुरस्कार भी हासिल किए। यह बात बहुत कम लोगों को पता होगी कि राजेश रोशन ही वह शख्स ने जिन्होंने अमिताभ बच्चन को फिल्म में गाने का पहला मौका दिया था।
अमिताभ बच्चन अभिनय के अलावा गायिकी भी करते हैं। वह कई फिल्मों में गाने गा चुके हैं, लेकिन उन्होंने पहली बार फिल्म में गाना साल 1979 में गाया था। इस साल उनकी फिल्म 'मिस्टर नटवरलाल' आई थी। इस फिल्म से पहले अमिताभ बच्चन ने कभी किसी फिल्म में कोई गाना नहीं गाया था। इस फिल्म के लिए राजेश रोशन ने अमिताभ से पहली बार गाना गवाया- 'मेरे पास आओ मेरे दोस्तों!' यह गीत संगीत प्रेमियो के बीच आज भी मशहूर है और आप इसे अक्सर रेडियो पर भी सुनते होंगे। इसके बाद अमिताभ बच्चन ने कई फिल्मों के लिए गाने गाए हैं।

🎥
2017 काबिल
2013 कृष 3
2010 काइट्स
2008 क्रेज़ी 4
2006 क्रिश
2004 एतबार
2003
कोई... मिल गया
टाइम्स स्क्वायर पर प्यार
2002
ना तुम जानो ना हम
आप मुझे अच्छे लगने लगे
कोई मेरे दिल से पूछे
2001
मोक्ष
मुझे मेरी बीवी से बचाओ
2000
करोबार
क्या कहना
कहो ना... प्यार है
मेला
दो अनजाने
1999
त्रिशक्ति
लावारिस
दाग: आग
1998
कुदरत
मैं सोलह बरस की
जाने जिगर
युगपुरुष
खोटे सिक्के
दंड नायक
कीमत
हफ़्ता वसूली
मेरे दो अनमोल रतन
1997
गुलाम-ए-मुस्तफा
तराजू
कोयला
उड़ान
कौन सच्चा कौन झूठा
1996
दस्तक
पापा कहते हैं
छोटा सा घर
1995
सबसे बड़ा खिलाड़ी
करण अर्जुन
1994 इंसानियत
1993
गुनाह
प्रतीक्षा
ज़ख्मो का हिसाब
राजा चाचा
आसू बने अंगारे
1992
कसाक
लम्बू दादा
ये रात फिर ना आएगी
खेल
1991 जीवन दाता
स्वर्ग यहां नरक यहां
शिव राम
कर्ज़ चुकाना है
विष्णु-देव
दो पाल
1990
जुर्म
बहार आने तक
किशन कन्हैया
1989
काला बाज़ार
जैसी करनी वैसी भरनी
आसमान से ऊंचा
1988
धर्मयुद्ध
खून भरी माँग
दरिया दिल
जंगल की बेटी
मार धाड़
कब्ज़ा
1987
काश
खुदगर्ज
दिल तुझको दिया
1986
अनुभव
घर संसार
एक और सिकंदर
भगवान दादा
मक़ार
1985
बाबू
आखिर क्यों?
एक डाकू शहर में
उल्टा सीधा
टेलीफ़ोन
1984
इंतेहा
जाग उठा इंसान
यादों की जंजीर
जिंदगी जीने के लिए
1983
निशान
रिश्ता कागज़ का
1982
कामचोर
जॉनी मैं तुमसे प्यार करता हूं
खुद्दार
वक़्त वक़्त की बात
श्रीमान श्रीमती
हमारी बहू अलका
1981
याराना
सन्नाटा
शक्का
1980
लूटमार
मन पसंद
यूनीस-बीज़
स्वयंवर
आप के दीवाने
दो और दो पाँच
आखिरी इंसाफ
1979
काला पत्थर
दुनिया मेरी जेब में
श्री नटवरलाल
जनता हवलदार
बैटन बैटन मीन
1978
स्वर्ग नरक
मुकद्दर
देस परदेस
विश्वनाथ
तुम्हारी कसम
दिल्लगी
एक बाप छे बेटे
1977
जय वीजय
दूसरा आदमी
मामा भांजा
चरणदास
एक ही रास्ता
खट्टा मीठा
इंकार
यही है जिंदगी
जिंदगी
प्रियतमा
स्वामी
1976
उधार का सिंदूर
गिन्नी और जॉनी
1975 जूली
1974 कुंवारा बाप

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