परवेश रावल
#30may
परवेश रावल
30 मई 1955
मुम्बई
पत्नी: स्वरूप संपत (विवा. 1987)
बच्चे: अदित्य रावल, अनिरुद्ध रावल
दल: भारतीय जनता पार्टी
इनाम: फिल्मफेयर पुरस्कार - सर्वश्रेष्ठ परफॉरमेंस इन ए कॉमिक रोल,
हिन्दी फ़िल्मों के एक अभिनेता हैं। 2014 में उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया गया। यह 1994 में राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार सहायक किरदार के लिए से सम्मानित हुए। इसके बाद इन्हें सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता का फ़िल्मफेयर पुरस्कार भी मिल चुका है। यह केतन मेहता की फ़िल्म सरदार में स्वतंत्रता सेनानी वल्लभभाई पटेल की मुख्य किरदार में नजर आए थे।परेश रावल का जन्म मुम्बई में हुआ था। अभिनेत्री और 1979 में मिस इंडिया बनी स्वरूप सम्पत के साथ इनका विवाह हो गया। इयानके दो बच्चे आदित्य और अनिरुद्ध हैं।
परेश रावल ने अभिनय की शुरूआत 1984 में की थी। तब यह होली नामक फ़िल्म में एक सहायक किरदार निभाया था। इसके बाद 1986 में नाम नामक फ़िल्म से उनके अभिनय का गुण लोगों को पता चला। इसके बाद वह 1980 से 1990 के मध्य 100 से अधिक फ़िल्मों में खलनायक की भूमिका में नजर आए। इसमें कब्जा, किंग अंकल, राम लखन, दौड़, बाज़ी और कई फ़िल्मों में कार्य किया।
यह एक हास्य फ़िल्म अंदाज़ अपना अपना में पहली बार दो किरदार में नजर आए। इसके बाद वर्ष 2000 में एक हिन्दी फ़िल्म "हेरा फेरी" में अपने अभिनय और किरदार के कारण वह इसके बाद कई फ़िल्मों में मुख्य किरदार भी निभा चूकें हैं। हेरा फेरी फ़िल्म में राजू (अक्षय कुमार) और श्याम (सुनील शेट्टी) उसके घर किराए पर रहते हैं। जबकि परेश रावल(बाबूराव गणपत् राव आप्टे)उसमें घर में मालिक का किरदार निभाते हैं। इस किरदार को हेरा फेरी के सफलता का श्रेय दिया गया है। इसमें उनके कार्य के लिए वह फ़िल्मफेयर पुरस्कार (सर्वश्रेष्ठ हास्यकार) भी जीत चुके हैं। उनका बाबुराव का किरदार उसके दूसरे भाग फिर हेरा फेरी (2006) में भी देखने को मिला, यह फ़िल्म भी सफल रही। रावल को सर्वश्रेष्ठ फिल्म पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ कॉमेडियन और लीड रोल के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार, सहायक भूमिका मिली है। परेश रावल सबसे लोकप्रिय और वाणिज्यिक सफल फिल्मों में क्षणाशन (1991), मनी (199 3), मनी मनी (1995), गोविंदा गोविंदा (1994), रिक्शावुडू (1995), बावागरु बागुनारा (1998), शंकर दादा एमबीबीएस (2004), और टीन मार (2011) इत्यादि। 2012 में आयी फिल्म ओह माई गॉड में काँजीलाल मेहता के रूप में उनका किरदार आज भी विस्मरणीय है फिल्म जगत में ये एक ऐसे चेहरे में गिने जाते है जिनका अभिनय चाहे किसी भी किरदार में हो जान डाल देती है फिल्म में। वर्ष 2018 में राजकुमार हिरानी की फिल्म संजू (संजय दत्त की बायोपिक फिल्म) में सुनील दत्त (संजय दत्त के पिता) के रूप में उनका साक्षात् चित्रण किया जिससे उन्होंने फिल्म में काफी प्रसिद्धि मिली ।
राजनीति
परेश रावल भारत के अहमदाबाद पूर्व संसदीय क्षेत्र से पूर्व सांसद थे। यह भारतीय जनता पार्टी के राजनेता है।
🎥
शहज़ादा
उरी द सर्जिकल स्ट्राइक
वेलकम बैक
धरम संकट मे
राजा नटवरलाल
हिम्मतवाला
जिला गाजियाबाद
टेबल नंबर 21
खिलाड़ी 786
ओ म जि- हे भगवान!
फरारी की सवारी
तेज
रेडी
रण
रंग रसिया
आक्रोश
अतिथि तुम कब जाओगे?
रोड टु संगम
'पा'
रेडियो
ढूडते रेह जाओगे
दे दना दन
एक दो तीन
जाने तू ... या जाने ना
मान गये मुगल-ए-आजम
मुंबई मेरी जान
मेरे बाप पहले आप
चीनी कम
नो स्मोकिंग
भूल भुलैया
फौज में मौज
गुड बॉय बैड बॉय
फूल एन फाइनल
जाने तू या जाने ना
वैलकम
हैटट्रिक
मालामाल वीकली
भागम भाग
फिर हेरा फेरी
36 चाइना टाउन
चुप चुप के
जाने होगा क्या
गोलमाल सोमनाथ
यूँ होता तो क्या होता
बचके रहना रे बाबा
गरम मसाला
दीवाने हुए पागल
शंकर दादा एम बी बी एस
आन
ऐतराज़
पूछो मेरे दिल से
बाघबान
हंगामा
दिल का रिश्ता
जोड़ी क्या बनाई वाह वाह रामजी
फंटूश जॉन
आँच
कहता है दिल बार बार
हम किसी से कम नहीं
आवारा पागल दीवाना
आँखें
चोर मचाये शोर
ये तेरा घर ये मेरा घर
लव के लिये कुछ भी करेगा
अमेरिकन चाय
नायक
मोक्ष
हेरा फेरी
दुल्हन हम ले जायेंगे
दीवाने
हद कर दी आपने
तेरा जादू चल गया
हर दिल जो प्यार करेगा
बुलन्दी
फिर भी दिल है हिन्दुस्तानी
शिकारी
वास्तव
खूबसूरत
हम तुम पे मरते हैं
आरज़ू
हसीना मान जायेगी
गैर
बड़े दिलवाला
आ अब लौट चलें
सत्या कमिश्नर
बदमाश
हीरो हिन्दुस्तानी
कभी ना कभी
अंगारे
बड़े मियाँ छोटे मियाँ
चाची ४२०
चाइना गेट
कुदरत
दंड नायक
अचानक
डोली सजा के रखना
तमन्ना
मिस्टर एंड मिसेज़ खिलाड़ी
दौड़
इंसाफ
ग़ुलाम-ए-मुसतफा
जुदाई
गुप्त
हीरो नम्बर वन
मृत्युदाता
आर या पार
औज़ार
ज़मीर राजा
महानता
कहर
बंदिश
विजेता
ग्रेट रॉबरी
हाहाकार
निर्भय
रंगबाज़
बाज़ी
मिलन
निशाना
ओ डार्लिंग यह है इण्डिया
रिकशावोडु
संजय
मनी मनी
जनम कुंडली
अकेले हम अकेले तुम
राजा
रावण राज
द जेंटलमैन
वो छोकरी
अंदाज़ अपना अपना
आग और चिन्गारी
दिलवाले
क्रान्तिवीर
लाड़ला
मोहरा
जुआरी
इक्का राजा रानी
आ गले लग जा
सरदार
अंत
रूप की रानी चोरों का राजा
सर
पहला नशा
कृष्ण अवतार चक्रवर्ती
गोविन्दा गोविन्दा
प्लेटफॉर्म
मनी
परवाने
दिल की बाज़ी
माया
कन्या दान
मुकाबला
फूल और अंगार
किंग अंकल
दामिनी
दुश्मन ज़माना
दौलत की जंग
पुलिस ऑफिसर
कर्म योद्धा
जानम
तिलक
जीना मरना तेरे संग
ज़ुल्म की अदालत
अधर्म
जिगर
विरोधी
क्षण क्षणम
स्वयं
योद्धा
हक
प्रेम कैदी
साथी
आई मिलन की रात
फ़तेह
शंकरा
गुनहगार
प्रतिकार
स्वर्ग
काफ़िला
आवारगी
जीवन एक संघर्ष
न्याय अन्याय
क्रोध
जख्मी ज़मीन
गुनाहों का देवता
वर्दी
ताकतवर
शिवा
हथियार
राम लखन
खरीदार
कब्ज़ा
आखिरी अदालत
फ़लक
खतरों के खिलाड़ी
सोने पे सुहागा
उत्तर दक्षिण
डकैत
मरते दम तक
नाम
समुन्दर
भगवान दादा
अर्जुन
मिर्च मसाला
लोरी
होली
धर्म और कानून
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