मन्ना डे(जनम)

मन्ना डे🎂01 मई 1919, कोलकाता⚰️24 अक्तूबर 2013, नारायणा हॉस्पिटल, एचएसआर लेआउट, बेंगलुरु
पत्नी: सुलोचना कुमारन (विवा. 1953–2012)
बच्चे: शुरोमा डे, सुमिता डे
माता-पिता: महामाया डे, पूर्ण चंद्र
मन्ना दा का जन्म कलकत्ता (वर्तमान कोलकाता)

🎂1 मई 1919 को महामाया व पूरन चन्द्र डे के यहाँ हुआ था।

⚰️मृत्यु 24 अक्टूबर 2013 को सुबह 4 बजकर 30 मिनट

मन्ना दा का जन्म कलकत्ता (वर्तमान कोलकाता) में 1 मई 1919 को महामाया व पूरन चन्द्र डे के यहाँ हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा इन्दु बाबुर पाठशाला से पूरी करने के पश्चात स्कॉटिश चर्च कॉलेज में प्रवेश लिया। कॉलेज के दिनों वे कुश्ती और मुक्केबाजी जैसी प्रतियोगिताओं में खूब भाग लेते थे। उनके पिता उन्हें वकील बनाना चाहते थे। उन्होंने विद्यासागर कॉलेज से स्नातक किया। कुश्ती के साथ मन्ना फुटबॉल के भी काफी शौकीन थे। संगीत के क्षेत्र में आने से पहले इस बात को लेकर लम्बे समय तक दुविधा में रहे कि वे वकील बनें या गायक। आखिरकार अपने चाचा कृष्ण चंद्र डे  से प्रभावित होकर उन्होंने तय किया कि वे गायक ही बनेंगे।

मन्ना डे ने संगीत की प्रारम्भिक शिक्षा अपने चाचा केoसीo डे से हासिल की। उनके बचपन के दिनों का एक दिलचस्प वाकया है। उस्ताद बादल खान और मन्ना डे के चाचा एक बार साथ-साथ रियाज कर रहे थे। तभी बादल खान ने मन्ना डे की आवाज सुनी और उनके चाचा से पूछा - "यह कौन गा रहा है?" जब मन्ना डे को बुलाया गया तो उन्होंने उस्ताद से कहा - "बस ऐसे ही गा लेता हूँ।" लेकिन बादल खान ने मन्ना डे की छिपी प्रतिभा को पहचान लिया। इसके बाद वह अपने चाचा से संगीत की शिक्षा लेने लगे। मन्ना डे 40 के दशक में अपने चाचा के साथ संगीत के क्षेत्र में अपने सपनों को साकार करने के लिये मुंबई आ गये। और फिर यहीं के होकर रह गये।वह जुहू विले पार्ले में रहते थे।

8 जून 2013 को सीने में संक्रमण के बाद उन्हें बंगलोर के एक अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती कराया गया।9 जून 2013 को अचानक उनकी मौत की खबर आयी, किन्तु चिकित्सकों ने कहा कि वे अभी जिन्दा हैं और उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है। संक्रमण से बचाने हेतु वेन्टिलेटर पर गहन   चकित्स्कीय परीक्षण किये जा रहे हैं। 9 जुलाई 2013को उनका स्वास्थ्य ठीक हो गया था और चिकित्सकों द्वारा सूचना दी गयी कि उन्हें वेन्टिलेटर से हटा दिया गया है। उन्हें साँस में तकलीफ के साथ गुर्दे की भी समस्या थी। वह डायलिसिस के दौर से भी गुजर रहे थे।24 अक्टूबर 2013 को सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर शरीर के कई अंगों के काम न करने से अस्पताल में ही उनका देहान्त हो गया। अन्तिम समय में मन्ना डे के पास उनकी पुत्री शुमिता व दामाद ज्ञानरंजन देव मौजूद थे।

प्रबोध चंद्र डे (1 मई 1919 - 24 अक्टूबर 2013), जिन्हें उनके मंच नाम मन्ना डे के नाम से जाना जाता है, एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित भारतीय पार्श्व गायक, संगीत निर्देशक, संगीतकार और भारतीय शास्त्रीय गायक थे। उन्हें हिंदी फिल्म उद्योग के सबसे बहुमुखी और प्रसिद्ध गायकों में से एक माना जाता है। वह हिंदी व्यावसायिक फिल्मों में भारतीय शास्त्रीय संगीत की सफलता का श्रेय पार्श्व गायकों में से एक थे। उन्होंने 1942 में तमन्ना फिल्म से शुरुआत की। एसडी बर्मन द्वारा रचित गीत "ऊपर गगन विशाल" के बाद उन्होंने सफलता देखी और 2013 तक 4,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड किए। भारत सरकार ने उन्हें 1971 में पद्म श्री से सम्मानित किया। 2005 में पद्म भूषण और 2007 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार। डे ने सभी प्रमुख क्षेत्रीय भारतीय भाषाओं में गाया, हालांकि मुख्य रूप से हिंदी और बंगाली में। डे ने भोजपुरी, मगधी में भी गाया, मैथिली, पंजाबी, असमिया, उड़िया, कोंकणी, सिंधी, गुजराती, मराठी, कन्नड़, मलयालम और नेपाली। हिंदी पार्श्व गायन में उनका चरम काल 1953 से 1976 तक था।

📚 आत्मकथा

मन्ना डे पार्श्वगायक तो थे ही उन्होंने बांग्ला भाषा में अपनी आत्मकथा भी लिखी थी जो बाँग्ला के अलावा अन्य भाषाओं में भी छपी। उनकी जीवनी को लेकर अन्य लेखकों ने भी पुस्तकें लिखीं। प्रकाशित पुस्तकों का विवरण इस प्रकार है-

जिबोनेरे जलासोघोरे: (बांग्ला में), आनंदा प्रकाशन, कोलकाता से प्रकाशित,
मेमोरीज़ कम अलाइव: (अंग्रेजी में), पेंगुइन बुक्स द्वारा प्रकाशित,
यादें जी उठी: (हिन्दी में), पेंगुइन बुक्स द्वारा प्रकाशित,
जिबोनेरे जलासोघोरे: (मराठी में), साहित्य प्रसार अकादमी, नागपुर से प्रकाशित,
मन्ना डे मन्नियोबोरेशू: (बांग्ला में मन्ना डे की एक जीवनी) अंजलि प्रकाशक, कोलकाता द्वारा प्रकाशित, लेखक: डॉ॰ गौतम रॉय।

⚰️08 जून 2013 को सीने में संक्रमण के बाद उन्हें बंगलोर के एक अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती कराया गया।09 जून 2013 को अचानक उनकी मौत की खबर आयी, किन्तु चिकित्सकों ने कहा कि वे अभी जिन्दा हैं और उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है। संक्रमण से बचाने हेतु वेन्टिलेटर पर गहन चिकित्सकीय परीक्षण किये जा रहे हैं।09 जुलाई 2013को उनका स्वास्थ्य ठीक हो गया था और चिकित्सकों द्वारा सूचना दी गयी कि उन्हें वेन्टिलेटर से हटा दिया गया है।उन्हें साँस में तकलीफ के साथ गुर्दे की भी समस्या थी। वह डायलिसिस के दौर से भी गुजर रहे थे। 24 अक्टूबर 2013 को सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर शरीर के कई अंगों के काम न करने से अस्पताल में ही उनका देहान्त हो गया। अन्तिम समय में मन्ना डे के पास उनकी पुत्री शुमिता व दामाद ज्ञानरंजन देव मौजूद थे।

🎥चलचित्र विवरण

तमन्ना (1942)
रामराज्य (1943)
ज्वार भाटा (1944 फ़िल्म)
कविता (1945)
महाकवि कालिदास (1944)
विक्रमादित्य (1945)
प्रभु का घर (1946)
वाल्मीकि (1946)
गीत गोविंद (1947)
हाम भी इनसान हैं (1948)
आवारा (1951 फ़िल्म)
आंदोलन (1951)
राजपूत (1951)
जीवन नौका (1952)
कुर्बानी (1952)
परिणीता" (1953)
चित्रांगदा (1953)
महात्मा (1953)
बूट पॉलिश (1954)
बदवान (1954)
महात्मा कबीर (1954)
रामायण (1954)
श्री ४२० (1955 फ़िल्म)
सीमा (1955)
देवदास (1955)
जय महादेव (1955)
झनक झनक पायल बाजे (1955)
चोरी चोरी (1956)
दो आँखें बारह हाथ (1957 फ़िल्म)
अमर सिंह राठौड़ (1957)
जनम जनम के फेरे (1957)
जॉनी वाकर (1957)
लाल बत्ती (1957)
मिस इंडिया (1957)
नरसी भगत (1957)
नया ज़माना (1957)
परदेसी (1957)
परवरिश (1958)
पोस्ट बॉक्स 999 (1958)
अनादि (1959)
चाचा जिंदाबाद (1959)
कवि कालिदास (1959)
नवरंग (1959)
उजाला (1959)
अंगुलीमाल (1960)
अनुराधा (1960)
बंबई का बाबू (1960)
बरसात की रात' (1960)
बेवकूफ (1960)
जिस देश में गंगा बहती है (1960)
काला बाजार (1960)
कल्पना" (1960)
काबुलीवाला (1961)
बात एक रात की (1962)
दिल ही तो है (1963)
रुस्तम सोहराब (1963)
उस्तादों के उस्ताद (1963)
चित्रलेखा (1964)
वक़्त (1965 फ़िल्म)
टोक्यो में प्यार (1966)
तीसरी कसम (1966 फ़िल्म)
प्यार किए जा (1966)
उपकार (1967 फ़िल्म)
रात और दिन (1967)
आमने सामने (1967)
पालकी (1967)
नवाब सिरजुदौला
बूंद जो बन गया मोती (1967)
पड़ोसन (1968 फ़िल्म)
मेरे हुज़ूर (1968)
नीलकमल (1968 फ़िल्म)
राम और रहीम (1968)
इक दो फूल माली (1969)
चंदा और बिजली (1969)
ज्योति (1969)
निशि पद्मा (1970)
मेरा नाम जोकर
आनंद (1971)
हांगकांग में जौहर महमूद (1971)
जाने अनजाने (1971)
लाल पत्थर (1971)
बुद्ध मिल गया (1971)
अनुभव (1972)
पराया धन (1971)
रेशमा और शेरा (1971)
चेम्मीन (मलयालम)
बावर्ची (1972)
सीता और गीता
शोर (1972)
जिन्दगी जिन्दगी (1972)
आविष्कार (1973)
दिल की राहें (1973)
हिंदुस्तान की कसम (1973)
संपूर्ण रामायण (1973)
सौदागर (1973)
जंजीर (1973)
बॉबी (१९७३ फ़िल्म)
रेशम की डोरी (1974)
उस पार (1974)
शोले (१९७५ फ़िल्म)
हिमालय से ऊंचा (1975)
सन्यासी (1975)
पोंगा पंडित (1975)
जय संतोषी माँ (1975)
दीवार (1975 फ़िल्म)
दास मैनवाती (1976)
महबूबा (1976)
अमर अकबर एंथनी (1977)
अनुरोध (1977)
मीनू (1977)
मैं तुलसी तेरे आँगन की (1978 फ़िल्म)
सत्यम शिवम सुन्दरम
जुर्माना (1978)
अब्दुल्ला (1980)
चोरों की बारात
क्रांति (1981 फ़िल्म)
कर्ज़ (1980)
लावारिश (1981)
प्रहार (1990)
गुड़िया (1997)
उमर (2006)

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