कल्प तरु के. परवेज (मृत्यु)
के. परवेज (कल्पतरु)🎂29 नवंबर 1937⚰️17 मई 2015
के. परवेज़, जिनका निधन हो चुका है, उनका असली नाम कल्पतरु था. वे एक भारतीय फ़िल्म निर्देशक, निर्माता, और कहानीकार थे. उन्होंने कई हिन्दी फ़िल्मों का निर्देशन किया था.
कल्पतरु के बारे में कुछ खास बातें:
उनका जन्म मुंबई में हुआ था.
उन्होंने फ़िल्म 'घर की इज़्ज़त' (1994) में पटकथा और कहानी भी लिखी थी.
उन्होंने 'घर द्वार', 'खून का बदला खून', 'घर घर की कहानी', और 'बड़े घर की बेटी' जैसी कई हिट फ़िल्मों का निर्देशन किया.
उन्होंने 18 साल की उम्र में अपने करियर की शुरुआत की थी.
वे शादीशुदा थे और उनके दो बच्चे थे.
उनका निधन 78 साल की उम्र में सांताक्रूज़ पश्चिम के एक अस्पताल में हुआ था.
कल्पतरु शब्द का मतलब होता है इच्छा पूरी करने वाला वृक्ष. कल्पवृक्ष को कल्पद्रुप, सुरतरु देवतरु, और कल्पलता जैसे नामों से भी जाना जाता है.
भारतीय सिनेमा के लोकप्रिय फिल्म निर्माता कल्पतरु उर्फ के. परवेज को उनकी जयंती पर याद करते हुए: एक श्रद्धांजलि
कल्पतरु का जन्म के. परवेज के रूप में हुआ था, वे एक भारतीय निर्देशक, निर्माता और कहानीकार थे, जिन्हें घर द्वार, खून का बदला खून, घर घर की कहानी और बड़े घर की बेटी जैसी कई हिट फिल्मों के लिए जाना जाता था। वे अपने मेलोड्रामैटिक पारिवारिक नाटकों के लिए जाने जाते थे।
कल्पतरु का जन्म के. परवेज के रूप में हुआ था, उनका जन्म 29 नवंबर 1937 को बॉम्बे, बॉम्बे प्रेसीडेंसी, अविभाजित भारत, अब मुंबई, महाराष्ट्र (भारत) में हुआ था। कल्पतरु की शादी हो गई और उनके दो बच्चे हैं। उन्होंने छोटा सा घर (1996) घर की इज्जत (1994), घर हो तो ऐसा (1990) आदि सहित कई हिंदी फिल्मों का निर्देशन किया। उन्हें फिल्म घर की इज्जत (1994) में पटकथा और कहानी लिखने का श्रेय भी दिया जाता है।
के. परवेज़, जिन्होंने 18 वर्ष की आयु में अपना करियर शुरू किया और बंगाली फ़िल्म "बारबाला" (1954) का निर्देशन किया। उन्होंने एक और बंगाली फ़िल्म "परबेश" (1980) और 1983 में एक भोजपुरी फ़िल्म "हमार भौजी" का भी निर्देशन किया।
के. परवेज़ की पहली हिंदी फ़िल्म "मिस्टर क्यू" (1958) है। उन्होंने पारिवारिक सिनेमा पर अपनी असली छाप तब छोड़ी जब उन्होंने बेहद सफल "घर घर की कहानी" (1988) बनाई और उसके बाद 'घर...' फ़िल्मों का चलन शुरू किया।
के. परवेज़ का 17 मई 2015 को 78 वर्ष की आयु में सांता क्रूज़, मुंबई में निधन हो गया। उनके परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटियाँ हैं।
🎥 के. परवेज़ उर्फ कल्पतरु की फिल्मोग्राफी -
1998 फूल और फौलाद
1996 छोटा सा घर और
किसी से दिल लगाके देखो
1994 घर की इज्जत
1993 घर की लाज, बड़ी बहनें और
आज का संसार
1992 नसीबवाला, रिश्ता तो हो ऐसा,
हमशक्ल
और स्वर्ग से प्यारा घर हमारा
1990 घर हो तो ऐसा
1989 अपना घर, पराया घर और
बड़े घर की बेटी
1988 घर-घर की कहानी
1987 घर का सुख और माँ बेटी
1985 घर द्वार
1982 राज महल
1978 खून का बदला खून
1977 टिंकू
1973 धमकी
1972 दो बच्चे दस हाथ
1967 छैला बाबू और दुनिया नाचेगी
1963 देखा प्यार तुम्हारा और
कहीं प्यार ना हो जाये
1961 सलाम मेमसाब
1958 श्री क्यू
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